About Me

New Delhi, DELHI, India
अपने बारे में क्या कहूँ, एक अनसुलझी पहेली सी हूँ.कभी भीड़ में अकेलापन महसूस करती हूँ! तो कभी तन्हाइयों में भरी महफिल महसूस करती हूँ! कभी रोते रोते हँसती हूँ, तो कभी हंसते हंसते रो पडती हूँ. मैं खुश होती हूँ तो लगता है,सारी दुनिया खुश है,और जब दुखी होती हूँ तो सारी कायनात रोती दिखती है! क्या हूँ मैं, नहीं जानती,बस ऐसी ही हूँ मैं, एक भूलभुलैया.......

Sunday, February 23, 2014

yaden

आज मेरी यहाँ की  आखिरी रात 
                     जहाँ ज़र्रे ज़र्रे में तुम्हे 
सिर्फ तुम्हे 
            महसूस किया था 
आज जा रही हूँ वहाँ से 
                 तुम्हारी यादों से दूर 
शायद भुला सकूँ तुम्हे 
          तुम्हारे पास अपनी 
यादों के साये छोड़कर 
            तुम्हे याद बना छोड़कर 14/2/14.............

????

कई बार लगता है
            बस,अब ज़िन्दगी में
कुछ नही है
       फिर तेरा वो प्यार जताना
मेरी विरान जिंदगी में
        बहार ले आता है शायद मेरी जिंदगी
तुमसे शुरू होकर 
        तुम्ही पर ख़त्म हो जाती है,
और कुछ है ही नही मेरी जिंदगी मे…………। 9 /1 /14........ 

Monday, February 10, 2014

मेरी सूरत

ये कौन है
       ये इतना धुंधला क्यूँ है
क्या ये मैं हूँ ,नही नही
        मैं क्यूँ धुन्धलाउंगी 
बोल मेरे हमसफ़र
     क्या सच में मेरे सामने आइना है
नही,आइना ही धुंधला होगा
      मैं। नही मैं नही
पर मैने अपने को कब ध्यान से देखा था आखिरी बार
         मुझे तो ये भी याद नही …………10/2/14....... 

Saturday, January 11, 2014

तुम्हे तो मैंने अपने को सौंप दिया था ना,
         बोला था ना,मांग लो 
मुझे। इस दुनिया से ,मेरे घरवालों से 
और ,और ? और मुझसे भी 
        लेकिन तुमने क्या किया
मुझसे मुझे माँगा नही , छीन लिया 
     मैं तो उसमे भी खुश थी 
फिर ,फिर क्यूँ छोड़ दिया मुझे 
  मुझीसे से चुरा कर 
       मैं नही अपने को अपना पा  रही 
क्यूंकि मैंने अपने को तुम्हे सौंप दिया था 
         और तुमने मुझे -----------------जनवरी ११ /१४ 

Wednesday, January 8, 2014

कशमकश

इक मैं  थी 
      मैं कौन ?मैं मिष्टी ---मिष्टी ?
नही लाड़ली ,कुछ और ……
        बहुत कुछ और 
जो भी थी,पर थी …
          थी थी थी 
मैं मिष्टी हूँ  
     मिष्टी -हाँ ,शायद नहीं 
कुछ -कुछ तो 
        क्या मैं हूँ ?
हूँ ----------हूं -------------हु---------- ह्------ ः 
        मैं ------------रहूंगी 
लेकिन क्या हूँ ने मुझे छोड़ा है ?
         जो मैं रहूंगी ?
थी ?हूँ ?------------
ये ही कश्मकश नही ख़त्म होती 
क्या मैं थी ?क्या मैं हूँ ? क्या मैं रहूंगी ???????
कशमकश जिंदगी की …………… 6/1/2014................

Tuesday, December 10, 2013

तुम मुझको पाना चाहते हो 

Misty Goswami's photo.
    
मुझे पाने के लिए ,तुम्हे खुद को खोना होगा ………… 
       5 nov............
बड़ी हसरत है पूरा एक दिन 
                   इक बार
 मैं अपने लिए रख लूं,
 तुम्हारे साथ पूरा एक दिन 
                       बस खर्च करने की तमन्ना है !!

दिखावा

मुझे पता ही नही चला 
           कि कब मेरे सपने
मेरी ख्वाहिशें 
           मेरे सारे सपने 
मुझसे कोसो दूर चले गए,Photo
               रह गया तो सिर्फ 
मेरे चेहरे पर मुखौटा 
          और अंदर क़सक भरी हंसी 
जो बोल रही थी 
              कि अब तो दुनिया के सामने अपना असली 
चेहरा  दिखा 
           रो ले जी भर कर……………
               १०/१२/१३…………।  

डर

इतना  तोड़ दिया है जिंदगी ने 
 
           कि अब अपना ही सामना करने से 
 डर  लगता है……………। 
                                                    9/12/13.........

चाँद

चलो आज आसमान बाँट लें
           आधा त्तुम्हारा आधा मेरा 
 तो कोई लड़ाई नही,
         पर तुम्हे पूरा आसमां चाहिए था,
मेने तुम्हारी ख़ुशी के लिए दे दिया 
    फिर तुम्हे टूटता तारा दिखा, 
तो तुमने सारे तारे ले लिए,
        सिर्फ इसलिए कि टूटते तारे 
शायद कोई विश पूरी कर दें 
          वो तुम नही चाहते थे 
कि मेरी कोई विश  पूरी हो 
         और मैं कहीं तुम्हे छोड़ ना दूँ 
आज मेरेहिस्से चाँद आया है 
            तुम्हे वो भी चाहिए,
पर नही,आज ये चाँद  तुम्हे नही दूंगी 
                 क्यों इतने सारे सितारों में 
तुम्हे सिर्फ चाँद ही चाहिए 
                पर नही ,अब नही। ………। 
                                     6 /12/13..........